Teesra Kalma in Hindi | तीसरा कलमा हिंदी में तर्जुमा के साथ 2023

अस्सलामु अलैकुम आज के इस लेख में हम तीसरा कलमा हिन्दी में जानेंगे। इस्से पहले पोस्ट में हमने पहला कलमा और दूसरा कलमा हिंदी में बताया है। आज इस पोस्ट में Teesra Kalma in Hindi में और साथ ही तीसरा कलमा के बारे में जानेंगे।

Teesra Kalma in Hindi | तीसरा कलमा हिंदी में

सुब्हानल्लाहि  वल हम्दु लिल्लाहि  वला इला-ह इल्लल्लाहु  वल्लाहु अकबर  वला हौ-ल वला क़ुव्व-त इल्ला बिल्ला-हिल अ’लिय-यिल अ’ज़ीम

Teesra Kalma Tamjeed Tarjuma | तीसरा कलमा तमजीद हिन्दी अनुवाद

अल्लाह की पवित्रता बयान करता हु, सभी तारीफें (परिभाषाए) अल्लाह ही के लिए है, अल्लाह के सिवा कोई सत्य माबूद नहीं, अल्लाह ही सब से बड़ा है, और ना किसी में शक्ति है ना बल, शक्ति और क़ुव्वत तो सिर्फ़ अल्लाह में है जो बहुत महानता वाला और बड़ा है।

Teesra Kalma Tamjeed in Arabic | तीसरा कलमा अरबी में

سُبْحَانَ اللّٰهِ،‏‏‏‏ وَالْحَمْدُ لِلّٰهِ،‏‏‏‏ وَلَا إِلٰهَ إِلَّا اللّٰهُ،‏‏‏‏ وَاللّٰهُ أَكْبَرُ،‏‏‏‏ وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللّٰهِ الْعَلِيِّ الْعَظِيمِ

Teesra Kalma Tamjeed in Roman English | तीसरा कलमा तमजीद रोमन इंग्लिश में

Sub-haanallaahi wal Hamdu-lillaahi wa-laa ilaa-ha illal laahu wallaahu akbar walaa haula walaa Quw-wata illaa Billaahil a’liy-yil a’zeem

तीसरे कलमे के बारे में

तीसरे कलमे को कलमए तमजीद कहा जाता है।

तमजीद का अर्थ:  अपने रब की महानता कथन करना।

तीसरा कलमा तमजीद इसका नाम हमको क़ुरआन और हदीस में नहीं मिलता। रात में जब नींद खुले तो पढ़े जाने वाली दुआ का कुछ टुकड़ा है। और ये तीसरे कलमे के नाम से प्रसिद्ध होगया है।

तीसरा कलमा तमजीद (Teesra Kalma in Hindi) का ज़िक्र हदीस में

उबादह बिन सामित रज़ियल्लाहु अन्हु कहते है के नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: जो रात में उठे और आंख खुलते ही ये दुआ पढ़े

Teesra Kalma in Hindi Dua “लाइला-ह इल्लल्लाहु वहदहु लाशरी-क लहु लहुल-मुलकु वलहुल हमदु, वहु-व अला कुल्लि शैइनक़दीर, सुब्हानल्लाहि  वल हम्दु लिल्लाहि  वला इला-ह इल्लल्लाहु  वल्लाहु अकबर  वला हौ-ल वला क़ुव्व-त इल्ला बिल्ला-हिल अ’लिय-यिल अ’ज़ीम”

Teesra Kalma in Hindi Dua Tarjuma अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं, वह एक है उसका कोई शरीक (सहभागी) नहीं, उसी के लिए बादशाहत (साम्राज्य) है और उसी के लिए हम्दो सना है, वोही हर चीज़ पर क़ादिर है, अल्लाह की पवित्रता बयान करता हु, तमाम तारीफें (परिभाषाएं) अल्लाह ही के लिए है, अल्लाह के सिवा कोई सत्य माबूद नहीं, अल्लाह ही सब से बड़ा है, शक्ति और क़ुव्वत बुलंद व बरतर की तौफ़ीक़ से है।

फिर ये दुआ पढ़े

रबबिग फ़िरली

तरजुमा एअल्लाह मुझे बख्श दे (तो वह बख्श दिया जाएगा)

वलीद कहते है: या यूं कहा, अगर वह दुआ करे तो उसकी दुआ क़बूल होगी और अगर उठकर वज़ू करे, फ़िर नमाज़ पढ़े तो उस की नमाज़ क़बूल होगी।” (सुनन इब्ने माजा 3878)

ऊपर का जो कलमा लिखा गया हे ये हमने सुनन इब्ने माजा से लिखा हे और भी कई जगहों पर लिखा हुवा है जैसे की बुखारी शरीफ़ (1154) में भी है थोड़े से शब्दों के अंतर के साथ है।

तीसरा कलमा का एक टुकड़ा जन्नत के खज़ानो में से है

(Teesra Kalma in Hindi) “अबु मूसा अश-अरी रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत हे की नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया ए अब्दुल्लाह बिन क़ैस, {ला हव-ल वला क़ुव्व-त इल्ला बिल्लाह} बोला करो क्योंकि  ये जन्नत के खज़ानों में से एक खज़ाना है” (सहीह मुस्लिम 2704)

तीसरा कलमा का एक टुकड़ा सारी दुनया से प्यारा है

तीसरा कलमा हिंदी में हदीस: “अबु हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत हे की आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया में ये कलमात बोलू { सुब्हा-नल्लाहि वल हम्दु लिल्लाहि, वला इला-ह इल्लल्लाहु, वल्लाहु अकबर} तो ये मेरे नज़दीक उन सब चीजों से ज़्यादा प्यारा हे जिन पर सूरज निकलता है (अर्थात् सारी दुनया से ज़्यादा प्यारा)” (तिरमिज़ी 3597)

तीसरा कलमा में से ये हर नमाज़ के बाद पढ़ना

तीसरा कलमा हिंदी में: “कअ’ब बिन उ’जरह रज़ियल्लाहु अनहु से रिवायत हे की रसू लुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कुछ शब्द ऐसे हे जिसको हर फ़र्ज़ नमाज़ के बाद पढ़ने वाले को कभी निराशा नहीं होगी 33 बार सुब्हा-नल्लाह 33 बार अल हम्दु लिल्लाह 33 बार अल्लाहु अकबर” (सही मुस्लिम 596)

Kalma Hindi Mein

Pehla Kalma पहला कलमा
Dusra Kalma दूसरा कलमा
Teesra Kalma तीसरा कलमा
Chautha Kalma चौथा कलमा
Panchwa Kalma पांचवा कलमा
Chatha Kalma छठा कलमा

आखरी बात Conclusion: अल्हमदु लिल्लाह आज के इस लेख तीसरा कलमा हिन्दी में। (Teesra Kalma in Hindi) में पढ़ा है और तीसरा कलमा का हिंदी अनुवाद भी पढ़ा है। और तीसरा कलमा के बारे में कुछ हदीसे भी हमने देखी है। अल्लाह से दुआ हे की अल्लाह हमें कहने सुनने से ज़्यादा अमल की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

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