Istikhara Ka Tarika Kiya Hai Hindi Me | Istikhara Ki Namaz | इस्तिखारा का तरीका

अगर कोई शख़्स कोई काम करना चाहे तो उस के लिये नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने नमाज़े इस्तिखारा का हुक्म फ़रमाया है और ये सुन्नत भी है। अगर आप Istikhara Ka Tarika जानना चाहते है तो इस पोस्ट को पढ़े हम ने यहां इस्तिखारा का तरीकाऔर दुआ हिंदी में सही हदीस के ज़रिए बताया है। Istikhara Ki Dua Ka Tarika निचे दिया गया है । Istikhara Ki Namaz Ka Tarika

इस्तिखारा की परिभाषा | Istikhara Ka Definition

इस्तिखारा किसी चीज़ में बेहतर को तलब करने को कहा जाता है, अल्लाह तआला से इस्तिखारा करो वोह तुम्हारे लिए बेहतर विकल्प कर देगा।

Namaz e Istikhara का हुक्म

जाबिर रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते है: नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हमें सारे मामलात में इस्तिखारा करने की तालीम इस तरह दिया करते थे जिस तरह हमें क़ुरआन मजीद की तालीम देते रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम फरमाते:
जब तुम में से कोई शख़्स काम करना चाहे तो वो फ़र्ज़ के इलावा दो रकअत अदा करके ये दुआ पढ़े

Istikhara Ki Dua

अल्लाहुम्म इन्नी अस्तखीरु-क बिइलमी-क, व-अस्तक़ दिरु-क बिक़ुदरति-क, व-असअलु-क मिन फ़ज़्लिकल अज़ीम, फ़-इन्न-क तक़दिरु वला अक़्दीर, व-तअ-लमु वला अअ-लम, व अंत अल्लामुल गुयूब, अल्लाहुम्म इन कुंत तअ-लमु अन्न हाज़ल अम-र खैरुल-ली फ़ी दीनी व म-आशी व आक़िबति अमरी फ़क़दुरहु ली, व यस्सिरहु ली सुम्म बारिकली फ़ीहि, व इन कुंत त-अ-लमु अन्न हाज़ल अम-र शर-रुलली फ़ी दीनी व म-आशी व आक़िबति अमरी फ़सरिफहु अन्नी वसरिफ़नी अन्हु, वक़दुर-लि-यलखै-र हैसु का-न सुम्म अर्ज़िनी बिहि
(सही बुख़ारी 1166)

Istikhara Ki Dua Roman English aur Arabic Me

इस्तिखारा कब किया जाए | Istikhara Ka Tarika

इस्तिखारा उस वक़्त किया जाए जब किसी शख़्स के दिमाग में कोई काम करने का खियाल आये लेकिन वो उस काम के लिए पक्का इरादा न किया हो, कियुंकि हदीस शरीफ़ में रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया:

“जब किसी शख़्स को कोई काम करना हो” इससे ये मालूम होता है के इस्तिखारा उस वक़्त किया जाएगा जब उसके दिल में कोई काम आया हो, तो फिर उस काम के लिए इस्तिखारा किया जाए। नमाज़ और दुआए इस्तिखारा की बरकत से उस के लिये उसे आसानी होगी।

Namaz e Istikhara Me Dua Kis Waqt Ki Jaye?

Istikhara Ki Dua का मसनून तरीक़ा येही हे के नमाज़ के बाद की जाए।
शरई अमल ये हे के जब कोई इस्तिखारा की नमाज़ पढ़े तो सलाम फेरने के बाद दुआ मांगे,

हदीस शरीफ़: आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म ने फ़रमाया (जब तुम में से कोई शख़्स किसी काम का इरादा करे तो फ़र्ज़ नमाज़ के इलावा दो रकअत पढ़े और फिर इस्तिखारा की दुआ पढ़े)

Ye Dua Padhe: Namaz Ke Baad Ki Dua

Istikhara Ke Fayde | इस्तिखारा के फायदे

  • Istikhara करना इस बात की दलील हे के मोमिन का दिल हर हाल में अल्लाह पर यक़ीन रखता है।
  • इस्तिखारा निर्णय और तक़दीर पर सहमत की दलील है।
  • Istikhara दुन्या और आख़िरत में खुशी का कारण है।
  • इस्तिखारा के बाद कोई इंसान उपलब्ध साधनों के अनुसार कोशिश करता है, तो उसे खुशी और शांति मिलती है और (जो कुछ भी मिलता है) तो उस पर खुशी का अनुभव होता है।
  • हर छोटे बड़े मामले में इस्तिखारा की सख्त जरूरत है।
  • Istikhara करने से इंसान को सवाब मिलता है और अपने रब से क़रीब होता है कियुंके उस के साथ नमाज़ और दुआ भी होती है।
  • दुआए इस्तिखारा से इंसान की रूहानियत बढ़ती है और अल्लाह तआला की मदद में ठोस यक़ीन होता है।
  • इस्तिखारा करना अपने रब पर भरोसा करने का सबूत और उससे क़रीब होने का वसीला है।
  • Istikhara के अंदर अल्लाह रब्बुल आलमीन का सम्मान और उसकी ताऱीफ है।
  • जो इंसान Istikhara करता है वो अपनी कोशिश में नाकाम नहीं होता।
  • इस्तिखारा चिंता और शक से बाहर निकलने का एक तरीका है और यह संतुष्टि और खुशी का ज़रीआ है।
  • Istikhara के अंदर सुन्नत पर अमल होता है और उसकी बरकत प्राप्त होती है।

Surah in Hindi

Surah Fatiha in Hindi सूरह फातिहा
Surah Naas in Hindi सूरह नास
Surah Falaq in Hindi सूरह फ़लक़
Surah Yaseen in Hindi सूरह यासीन
Surah Yaseen in Roman English सूरह यासीन इंग्लिश में

4 thoughts on “Istikhara Ka Tarika Kiya Hai Hindi Me | Istikhara Ki Namaz | इस्तिखारा का तरीका”

  1. इस्तेखारा की नमाज के बाद क्या हमको उस काम के करने न करने का इल्म हासिल हो जाएगा

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    • अगर हमारे लिए वो काम अच्छा होगा तो अल्लाह उसकाम को आसान करदेगा

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    • हा दिल में हमको allha के हुक्म से तस्सली मिल जाएगी काम होगा या नही

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