Ghusl Ka Tarika | गुस्ल का तरीका हिन्दी में | Ghusl Karne Ka Tarika in Hindi

ग़ुस्ल का (ghusl) मतलब हे अपने आपको नापाकी से पाक साफ़ करलेना कियुंके अल्लाह तआला पाक हे और पाकी को पसंदक फ़रमाता है ग़ुस्ल करने से पहले Ghusl Karne Ka Tarika मालूम होना चाहिए | दीन इस्लाम पवित्रता और स्वच्छता का दीन है आज आप लोगों को हम Ghusl Ka Tarika बताएँगे इस पोस्ट को पूरा ज़रूर पढ़े ताके आप को ग़ुस्ल का तरीका मालूम होसके |

ग़ुस्ल कब वाजिब होता है | Ghusl Kab Wajib Hota Hai?

ग़ुस्ल कभी वाजिब होता है तो कभी मुस्तहब होता है जिन चीजों से ग़ुस्ल वाजिब होता है वो हालात नीचे दिए गए है |

  • मनी के निकलने से चाहे संभोग के बिना निकले तमाम उलमा ए क्राम का कहना है की मनी के निकलने से ग़ुस्ल वाजिब होजाता है, इसमे मर्द या औरत मे कोई फ़र्क नहीं मनी चाहे नींद मे निकले या जागते हुए |
  • बीवी से संभोग करने से चाहे मनी निकले या न निकले अगर दोनों की शरमगाह मिल जाए और मर्द की शरमगाह का कुछ हिस्सा अंदर चला जाए तो भी गुसल करना वाजिब होजाता है |
  • या इंसान सोया हो नींद मे हो केसे भी किसी भी हालत मे हो अगर मनी निकल जाए तब भी ग़ुस्ल वाजिब हो जाए गा इस को अहतलाम कहे गे और इस पोस्ट मे हम ने Ghusl Karne Ka Tarika सुन्नत के मुताबिक़ बताया है
  • हैज़  या निफ़ास के खून के आने से ग़ुस्ल वाजिब हो जाता हे
  • इस्लाम कबूल करने के बाद भी ग़ुस्ल वाजिब हो जाता हे
  • मोत से भी गुसल वाजिब हो जाता हे (मययत के लिए) नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपनी बेटी की वफ़ात के वक़्त फ़रमाया था
    (मेरी बेटी को) तीन बार या पांच बार या उससे भी ज़ियादा बार ग़ुस्ल देना (बुख़ारी 1253 , मुस्लिम 939)

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अल्लाह तबारक व तआला का इरशाद है

Ghusl Karne के बारे मे कुरआन करीम मे अल्लाह फ़रमाते फ़रमाता है नीचे आयत का तर्जुमा बताया गया है और हदीस शरीफ़ मे भी ग़ुस्ल करने का हुक्म दिया गया है |

और अगर तुम जुंबि हो तो ग़ुस्ल करो (अल माइदह 6)

उम्मुल मूमिनीन, सय्यदा उम्मे सलमा बयान करती हैं के सय्यदना अबू तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु की ज़ौजा उम्मे सुलैम ने नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में हाज़िर हो कर अर्ज़ किया: अल्लाह के रसूल अल्लाह तआला हक़ बयान करने से हया नहीं करता, फ़रमाइये के जब औरत को एहतलाम हो जाए तो किया उस पर ग़ुस्ल फ़र्ज़ होता है इस पर नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया हाँ, वाजिब वो पानी देखे। (बुख़ारी 282)

Surah in Hindi

Surah Fatiha in Hindi सूरह फातिहा
Surah Naas in Hindi सूरह नास
Surah Falaq in Hindi सूरह फ़लक़
Surah Yaseen in Hindi सूरह यासीन
Surah Yaseen in Roman English सूरह यासीन इंग्लिश में

Ghusl कब सुन्नत (मुस्तहब) है?

1. मुसतहब उस काम को कहते है जिन पर आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पाबन्दी न फ़र्माई बल्कि कभी कभार उसको किया हो उसे मुस्तहब कहते है उसे छोड़ ने पर कोई गुनाह नहीं है |

2. ऐसी जगा जाने से पहले जहाँ बहुत सारे लोग जमा हो ग़ुस्ल करना मुस्तहब है

3. ईदैन मतलब (ईद और बकरा ईद) का ग़ुस्ल भी मुस्तहब यानि सुन्नत है
इमाम नव्वी रहमउल्लाह फ़रमाते है: हर एक के लिए (ईद के दिन का ग़ुस्ल करना) सुन्नत है, चाहे मर्द हो या औरतें या बच्चे, कियुंके इस दिन सुंदर और सजावटी की जाती है और ये सब के लिए बड़ा दिन है।

4. इसी में सूर्यग्रहण की नमाज़ और नमाज़े इस्तिस्क़ा, वकु अरफ़ा, मुज़दलफ़ा और अय्याम तशरीक़ में जुमेरात को कंकरियां मारने के लिए ग़ुस्ल करना भी शामिल है इस के इलावा जहां भी लोग इबादत के लिए जमा हो रहे हो तो ग़ुस्ल करना मुस्तहब है।

Ghusl Ka Tarika | गुस्ल का तरीका

ग़ुस्ल करने का तरीका (Ghusl Karne Ka Tarika) सुन्नत के मुताबिक़ नीचे बताया गया है जो ग़ुस्ल करने से पहले आप को मालूम होना चाहिए | लोग इस बात के लिए बहुत परेशान रहते है की Ghusl Karne Ka Tarika For Male ये सर्च करते है और एसे ही औरतें Ghusl Karne Ka Tarika For Female ये सर्च करतीं है जबके औरत या मर्द सब के लिए ग़ुस्ल करने का तरीका एक ही बताया गया है शरीअत मे | पाकी हासिल करने के लिए सुन्नत के मुताबिक़ ग़ुस्ल करना ज़रूरी है|

  • निययत दिल के इरादे का नाम है इस के लिए किसी अल्फ़ाज़ को मुंह से पढ़ने की ज़रूरत नहीं
  • गुस्ल से पहले अपने हाथो को अच्छी तरह धोले
  • उसके बाद जहापर गन्दगी या नजासत (मनी) लगी हो उसे अच्छी तरा धोलें
  • फिर अपने हाथो को अच्छी तरा किसी चीज़ पर रगड़ले साथही जगा बदल्ले
  • उसके बाद वज़ू बनाए जैसे हम नमाज़ के लिए वज़ू बनाते हे फिर तीन बार सर पर पानी डाल कर उंगलियों से खूब अच्छी तरह धोलें यादरहे सरका कोईभी हिस्सा सूखा ना रहे और उंगलियों को पूरे सर में चलाए जिस तरह हम ऊँगली डाल कर सर को खुजाते हे सेम ऐसा ही पानी डाल कर करे
  • इस के बाद तीन बार सीधे कन्धे पर पानी डाल कर अच्छी तरह धोलें याद रहे बगलका कोई भी हिस्सा सुखा नहीं रहे
  • इस के बाद तीन बार उलटे कन्धे पर पानी डाल कर अच्छी तरह धोलें
  • अब पूरे बदन पर पानी डाल कर पूरा बदन भिगाले धियान रहे पिछला कोई भी हिस्सा सूखा ना रह ने पाए
  • जहा जहा पानी न जाने का अंदेशा हो वहा हाथ से भिगाए
  • जिस जगा ग़ुस्ल किया हो उस जगा से हट कर दोनों पैरों को धोलें

Ghusl Ki Dua | ग़ुस्ल की दुआ

कोई भी अमल करने के लिए उस अमल का कुरआन और हदीस से साबित होना ज़रूरी है तभी वो अमल अल्लाह तआला कबूल फ़ार्माएगे वरना उस अमल की शरीअत मे कोई हैसियत नहीं | बहुत से लोग Gusl Ki Dua जानना चाहते है और दूसरों से Ghusl Ki Dua किया है ये पूछते भी है कुछ लोग इंटरनेट पर सर्च करते है Gusl Ki Dua Kiya, Gusl Ki Dua in Hindi ताके उनको को ग़ुस्ल की दुआ मिल सके लेकिन ग़ुस्ल की दुआ तो है ही नहीं फिर केसे उनको ग़ुस्ल की दुआ मिलेगी | Ghusl Ki Dua नहीं है लेकिन ग़ुस्ल से पहले वज़ू करने के बारे मे आता है वज़ू से पहले बिस्मिल्लाह पढ़ेंगे | ग़ुस्ल करने से पहले अपने मन मे ही बिस्मिल्लाह पढ़ कर वज़ू करे और उसके बाद ग़ुस्ल करे ग़ुस्ल करने का तरीका ऊपर बताया गया है |

बिना कपड़ों के ग़ुस्ल (ghusl) करना

तनहाई और अकेले मे नंगे हो कर ग़ुस्ल करना जाइज़ हे लेकिन कपड़ा बांध लेना अफ़ज़ल हे हज़रत मुआविया रज़ियल्लाहु अन्हु नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से रिवायत करते है के आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया अल्लाह लोगों की निस्बत ज़ियादा हक़ रखता हे के उस से हया की जाए। (बुख़ारी 278)

ग़ुस्ल (ghusl) कब टूट जाता हे?

संभोग करने से ग़ुस्ल टूट जाता हे (यानि जब मर्द ओर ओरत संभोग कर ले) मनी निकले या ना निकले दोनों सूरत मे गुसल टूट जाता हे

अहतलाम की सूरत मे भी ग़ुस्ल टूट जाता हे अगर कोई इंसान सोया हो नींद मे हो किसी भी हालत मे हो अगर मनी निकल जाए तब भी ग़ुस्ल टूट जाता हे

हेज की सूरत मे भी गुसल टूट जाता हे

ग़ुस्ल मे क्या नही करना चाहिये ?

ग़ुस्ल के लिए पानी का ज़्यादा इस्तिमाल नहीं करना चाहिये जितना ज़रूरत हे उतना ही पानी ग़ुस्ल के लिए इस्तेमाल करे क्यूंकि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक सा 2500 ग्राम पानी मे ग़ुस्ल करते थे) अब आप इसको लिटर मे देख ले कितना होता हे

ऐसी जगा बेट कर गुसल ना करे जहा गंदगी हो क्यूंकि जब आप ग़ुस्ल करोगे तो पानी के छीटे आप के ऊपर आने का डर हो अगर मजबूरी हो तो थोड़ी ऊंची जगा बेट कर ग़ुस्ल करे

खुले मे ग़ुस्ल ना करे अगर मजबूरी हो तो सतर को छूपाकर ग़ुस्ल करे

Ghusl Ke Wazu Se Namaz Padhna

जी हां ग़ुस्ल करके उसके वज़ू से नमाज़ पड़ सकते हे लेकिन इसकी कुछ शर्ते हे की आप का हाथ आप की शर्मगाह  (परायवेट  पार्ट ) पर नहीं लगना चाहिए नहीं तो आप का वज़ू टूट जाए गा |

अम्मा आइश रज़ियल्लाहु अनहा फ़माती हे के अल्लाह के रसूल सल्ललल्लाहु यलैहि व सल्लम ग़ुस्ल करने के बाद वज़ू नहीं फ़रमाते थे (सुनन निसई 430)

आखरी बात

आप लोगों ने इस आर्टिकल में Ghusl Ka Tarika जाना, तो अब से आप ग़ुस्ल सुन्नत के मुताबिक़ करें जिससे आप को सवाब मिलेगा और Ghusl Ka Tarika इस आर्टिकल को आप लोग दूसरों को शेअर करे ताके दूसरों को भी ग़ुस्ल का सुन्नत तरीका मालूम हो सके।

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