Fajar Ki Namaz Ki Fazilat Aur Fajar Ki Namaz Ki Rakat in Hindi

नमाज़ पढ़ने की बहुत ताकीद की गई है इस्लाम मे नमाज़ को आँखों की ठंडक बताया गया गया है | हर मुसलमान के लिए पाँच वक़्त की नमाज़ पढ्न फर्ज़ है नमाज़ को अपने वक़्त पर पढ़ने के हुक्म दिया गया है | आज आप लोगों को हम Fajar Ki Namaz Ki Fazilat इस पोस्ट मे बताएँगे जो कुरान और हदीस मे है |

फ़जर की नमाज़ की फ़ज़ीलत और सवाब बहुत ज़ियादा है दिन की शुरुआत भी फ़जर से होती है हदीस शरीफ़ मे आता है की फ़जर की नमाज़ के बाद करोंबार के लिए निकल जाओ जिस मे बरकत है |

नमाज़ पढ़ने वालों मे से कुछ लोग एसे होते है जो अक्सर फ़जर और असर की नमाज़ मे सुस्ती करते है जबके कुरआन करीम और अहादीस मे फ़जर और असर दोनों नमाजों की खास ताकीद की गई है |

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नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने एसे शख़्स के बारे मे बताया गया जो सुबह होने तक सोता रेहता है (मतलब फ़जर कि नमाज़ नहीं पढ़ता) तो आप ने फ़रमाया एसे शख़्स के कानों मे शैतान पेशाब कर देता है | (बुखारी, मुस्लिम)

Fajr Namaz Ki Rakat

पहले 2 रकअत सुन्नत और 2 रकअत फर्ज़

तफ़जर की टोटल 4 रकअते है नमाज़ के लिए वज़ू करना शर्त है

फ़जर की फ़ज़ीलत | Fajr ki Fazilat Hadees

नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया तुम्हारे पास रात और दिन के फरिश्ते बारी बारी आते है और वो फ़जर और असर की नमाजों मे जमा होते है फिर वो फरिश्ते जो तुम्हारे पास होते हैं आसमान पर चले जाते है
तो अल्लाह तआला उनसे पूछता है (जबके अल्लाह सब से जियादा जनता है) के तुमने मेरे बंदों को किस हाल मे छोड़ा | फरिश्ते कहते है कि हम उन्हें नमाज़ कि हालत मे छोड़ कर आए और नमाज़ ही कि हालत मे उनके पास पहुंचे थे  (बुखारी, मुस्लिम)

Surah in Hindi

Surah Fatiha in Hindi सूरह फातिहा
Surah Naas in Hindi सूरह नास
Surah Falaq in Hindi सूरह फ़लक़
Surah Yaseen in Hindi सूरह यासीन
Surah Yaseen in Roman English सूरह यासीन इंग्लिश में

Fajr Ki Namaz पाबंदी से पढ़ने वालों के लिए खूश खबरी

प्यारे आक़ा सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया अँधेरों मे पैदल चल कर मस्जिद जाने वालों को कयामत के दिन मुकम्मल नूर की खूश खबरी देदो | (अबू दावूद 561)

आप का फ़रमान है फ़जर की 2 रकअत सुन्नत दूनया और इसमे जो चिज़े है इससे बेहतर है (मुस्लिम 725) सुन्नत की इतनी फ़ाज़िलत है तो फ़जर की फर्ज़ नमाज़ की कितनी फ़ाज़िलत होगी

आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का फ़रमान है वो शख़्स हरगिज़ जहन्नम मे नहीं जाएगा जो तुलूए आफ़ताब से पहले और गुरूब अफ़ताब से पहले नमाज़ पढ़ी यानि फ़जर और असर की नमाज़ (मुस्लिम 634)

नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया जिस ने इशा की नमाज़ जमात से अदा की गोया के उस ने आधी रात क़ियाम किया और जिस ने सुबह (फ़जर) की नमाज़ जमात के साथ अदा की गोया के उस ने पूरी रात तहज्जुद पढ़ी (मुस्लिम 656)

आप ने फ़रमाया जो सुबह की नमाज़ अदा करले तो वो अल्लाह की हिफाज़त मे आजता है

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Fajr Ki Namaz Jamat Se Padhne Ka Formula

  • फ़जर की नमाज़ जमात के साथ पढ़ने के फ़ज़ाइल मालूम होना चाहिए
  • फ़जर की नमाज़ जमात के साथ न पढ़ने की सज़ा मालूम हो
  • रात को जल्दी सोना चाहिए
  • रात को सोते टाइम फ़जर की नमाज़ जमात के साथ पढ़ने का पक्का इरादा करें और उठे
  • फ़जर की नमाज़ के वक़्त उठने के लिए अलार्म लगाए अलग अलग टाइम सेट करदे हर 2 मिनट मे अलार्म बजे या जो फ़जर की नमाज़ के लिए उठता हो उसे जगाने के लिए बोले
  • सोने से पहले वज़ू करके और दुआ ज़िक्र करके सोए ताके शैतान के हमले से बच सके
  • अगर दोपहर मे टाइम मिले तो कुछ देर सोजाए
  • बाकी चार नमाजों को भी पढे और अल्लाह से फ़जर की नमाज़ मे उठने की दुआ करें
  • मग़रिब से पहले और मग़रिब के बाद या या ईशा के बाद न सोए
  • अगर इन बातों पर अमल किया जाए तो इनशाअल्लाह Fajar Ki Namaz जमात से पढ़ना आसान होजाएगा |

इस पोस्ट मे मे हमने Fajar Ki Namaz Ki Fazilat बताई है जिसे मालूम होने के बाद फ़जर की नमाज़ का एहतिमाम करना चाहिए अल्लाह रब्बुल आलमीन हमे फ़जर की नमाज़ जमात के साथ पढ़ने की टोफ़ीक़ अता फरमाए

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