Azan Ki Fazilat Aur Ahmiyat Hindi Mein | Azaan Ki Fazilat in Hindi | अज़ान की फ़ज़ीलत

Azan Ki Fazilat aur Ahmiyat Hindi Mein

अज़ान की फ़ज़ीलत: आज हम आप लोगों को Azan Ki Fazilat aur Ahmiyat Hindi Mein बताएंगे। हम में से कोन शख़्स है जिसने अज़ान की आवाज़ न सुनी हो। एक मुस्लमान अपनी ज़िन्दगी में जो आवाज़ बार बार और सब से ज़ियादा सुनता है वो अज़ान ही है। ये सदाए कामयाबी (azaan) दुन्या के हर इलाक़े, बस्ती और शहर में जहा मुस्लमान बस्ते है रोज़ाना पांच वक़्त बुलंद होती है और अल्लाह की तौहीद का ऐलान करती है। जहाँ अज़ान और नमाज़ नहीं वहा इस्लाम भी नहीं।

लेकिन बड़े दुख़ और अफ़सोस की बात है के वह अज़ान जिसे हम बचपन से सुनते आरहे है, जिसके अलफ़ाज़ हमें खूब अच्छी तरह याद है जिसका एक एक हर्फ़ हमारे दिल में अज़मत रखता है, जो दीन का एक एहम हिस्सा है हम इस azan के पैग़ाम से वाक़िफ़ नहीं हैं। Azan का म’आना और मफ़हूम हमें नहीं पता। हमें Azan Ki Fazilat और उसके म’आना व मफ़हूम को समझने क़ि ज़रूरत हैं।

Azan Ka Maana Kya Hai | अज़ान का म’आना

Azan अरबी ज़ुबान का लफ्ज़ हैं जिस का म’आना “एलान” हे। इस्लामी शरीअत की इस्तलाह में मख़सूस कलमात के ज़रीआ नमाज़ के औक़ात के एलान का नाम azan हे।

Azaan Ki Shuruaat Kab Hui | अज़ान की शुरुआत कब हुई

जब मुस्लमान और खूद नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मक्का से हिजरत कर के मदीना शऱीफ़ पहुंचे। उस वक़्त Namaz के औक़ात का अंदाज़ा लगा कर बिना एलान के नमाज़ के लिए जमा होजाया करते थे। लेकिन जब लोगों कि तादाद ज़ियादा होगई तो एक मुशकिल ये पेश आई के कुछ लोग आने में लेट होजाते तो कुछ लोग पहले पहुँच जाया करते थे। नबी करीम सल्लल्लाहुअलैहि व सल्लम ने सहाबा इकराम को जमा फ़रमाया और मशोरा किया के Namaz के औक़ात के लिए कोनसा तरीक़ा अपनाया जाए बहुत से मशोरे सामने आए।

लेहाज़ा ये बात ते हुई के एक शख़्स को नमाज़ के औक़ात का एलान करने के लिए मुतय्यन करदिया जाए और इस बात पर मीटिंग ख़त्म हुई। एक सहाबी जिन का नाम अब्दुल्लाह बिन ज़ैद बिन अब्द रब्बह था इन्होने उसी रात एक ख़्वाब देखा के एक सब्ज़ पोश आदमी हाथों में नाक़ूस लिए बेच रहा हे, आप ने उस से दरयाफ़्त किया: किया तुम ये नाक़ूस बेचोगे? उसने पूछा: तुम इसे लेकर किया करोंगे? उन्होंने ने जवाब दिया के हम इससे लोगों को सलात (Namaz) के लिए बुलाया करेंगे। उस शख़्स ने कहा: किया में तुम्हें इस से बेहतर बात न बताऊ, चुनांचा उसने अज़ान और अक़ामत के कलमात सिखलाए।

जब सुबह हुई तो ये सहाबी नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आए और आप से अपना ख़्वाब बयान किया। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया ये सच्चा ख़्वाब हे इंशा अल्लाह बिलाल को ये कलमात बताते जाओर वह इसके ज़रीआ azan दें कियुँकि उन की आवाज़ आप से बुलंद और मीठी हे।

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Azan Ki Fazilat Quraan Kareem Mein | अज़ान की फ़ज़ीलत

Azan Ki Fazilat Quraani Aayaat

1- Azan Ki Fazilat: और जब तुम नमाज़ के लिए (लोगों को बसूरत अज़ान) पुकारते हो तो ये (लोग) उसे हंसी और खेल बना लेते हैं। ये इस लिए के वो ऐसे लोग हे जो अक़ल नहीं रख्ते। (अल-माइदह 58)

2- Azan Ki Fazilat: और उस शख़्स से ज़ियादा अच्छी बात किसकी होसकती हे जो अल्लाह कि तरफ़ बुलाए और नेक अमल करें और कहे बेशक में फ़रमाँबरदारों में से हूँ। (फ़ुस्सिलत 33)

3-Azan Ki Fazilat: ए इमान वालों जब जुमुअह के दिन (जुमुअह की) नमाज़ के लिये Azan दी जाए तो फ़ौरन अल्लाह के ज़िक्र कि तरफ़ तेज़ी से चल पड़ो और खरीदना और बेचना छोड़दो। ये तुम्हारे हक़ में बेहतर हे अगर तुम इल्म रख्ते हो। (अल-जमुआह 9)

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Azan Ki Fazilat Ahadees Mein | अज़ान की फ़ज़ीलत

Azan Ki Fazilat Ahadees

1-अज़ान की फ़ज़ीलत: हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत हे के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : अगर लोगों को अज़ान और पहली सफ़ के अज्र व सवाब का इल्म हो तो और अगर उन्हें उस के लिये क़ुरआ अंदाज़ी भी करना पड़े तो वह क़ुरआ अंदाज़ी ज़रूर करें। (बुखारी)

2-अज़ान की फ़ज़ीलत: अब्दुर्रहमान बिन अबू स’अ-सआ अंसारी माज़नी के वालिद माजिद से रिवायत हे के हज़रत अबू सईद ख़ुज़री रज़ियल्लाहु अन्हु ने उनसे फ़रमाया: में देखता हु के तुम बकरियों और जंगल को पसंद करते हो। जब तुम अपनी बकरियों या जंगल में हुवा करो तो नमाज़ के लिये अज़ान कहो और खूब बुलंद आवाज़ से कहो कियुंके मुअज़्ज़िन कि अज़ान को जो भी जिन या इंसान या दूसरी मख्लूक़ सुने गी वह क़यामत के रोज़ उस के लिये गवाही दे गी। हज़रत अबू सईद रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया: मेने ये बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सूनी। (बुखारी)

3-अज़ान की फ़ज़ीलत: हज़रत अनस बिन मालिक रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: अज़ान और तकबीर के दरमियान जो दुआ मांगी जाए वो रद नहीं होती। (निसाई, अबू दाऊद)

4-अज़ान की फ़ज़ीलत: हज़रत अबू हुरैरह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है के नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: मुअज़्ज़िन की आवाज़ जहाँ तक पहुँचती है उस को बख़्श दिया जाता है और अज़ान देने वाले के लिये हर तर और ख़ुश्क चीज़ गवाही देती है। (निसाई, अबू दाऊद, इब्ने माजह)

5-अज़ान की फ़ज़ीलत: हज़रत मुआवियह रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है के रसूल करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया क़यामत के दिन मुअज़्ज़िन की गर्दन तमाम लोगों (की गर्दनों) से लम्बी होगी। (मुस्लिम)

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